षटकर्म क्रिया करने की सही विधि व परिणाम जाने

जल नेति Jal Neti

ध्यान योग केंद्र- राइट वे ऑफ डूइंग योग®” में सभी साधको को एक नियमित योगिक अभ्यास के तहत षटकर्म क्रिया कराई गई जिसमे (जल नेति वमन क्रिया व् गर्गल प्रमुख रही )सभी साधको का उत्साह दिखा। योग आचार्य सुभव शर्मा ने बताया की आने वाले समय में महामारी बढ़ेगी और उससे बचने का यह एक आसन -घरेलु  उपाय घर में या ध्यान योग केंद्र के निर्देशों के सानिध्य में करे जिससे आपका फायदा हो.

योग गुरु श्री सुभव् शर्मा ने बताया की अगर इतहास देखें तो हर 100 में पूरे विश्व में महामारी फैली है जिसने मानव जाती के अस्तित्व पर ही संकट खड़ा कर दिया है इसिलिय अगर देखा जाए तो साल 2020 महामारी का हो सकता है जिसमें बचने का सही तरीका होगा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना जिसमे शामिल है सबसे पहले शरीर का शोधन -सफाई करना व्  बाद में सही पराक्र की मिताहार डाइट लेवे और नियमित सही तरीके से योग अभ्यास करते रहे.

गौरतलब है कि “ध्यान योग केंद्र” के M.D Dr.S.C. Sharma (Regd.Prof.Raj.Univ.) व डायरेक्टर शिखा शर्मा के सानिध्य में कार्यरत योगाचार्य सुभव शर्मा व योग शिक्षक अब्दुर कादिर , गजेंद्र , गार्गी पूरे तन  ,मन से सही तरीके से योग व योगिक क्रियाएं करवाकर समाज को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की दिशा में प्रयासरत हैं जिस से मानंनिया प्रधानमंत्री जी का सपना स्वस्थ भारत- स्वस्छ भारत का सपना साकार हो सके।

ध्यान योग केंद्र- राइट वे ऑफ डूइंग योग में कार्यरत योगाचार्य सुभव शर्मा जी ने बताया कि गलत तरीके से षटकर्म क्रिया करने के दुष्परिणाम जैसे-

सिरदर्द,

अनिद्रा,

ब्रेन हेमरेज आदि हो सकते है जिससे कि ऑपरेशन की नौबत भी आ सकती है अगर

1. पानी शरीर मे गलत जग चला जाये, या

2. पूरा पानी नही नही निकल पाए

इसीलिए एक योग्य योग शिखक के सानिध्य में ही योगिक क्रियाएं करनी चाहिए।

योगिक क्रिया का इतिहास बताते हुए *ध्यान योग केंद्र* के  योगाचार्य सुभव शर्मा ने बताया कि षटकर्म क्रियाएं प्राचीन भारत की धरोहर है जो कि विदेशो में तो बहुत अपनायी जा रही है परंतु अपने ही लोगो इसे भूलते जा रहे है।

षटकर्म क्रिया में जल नेति क्रिया करते वक्त एक साधक के पास नेति , रुमाल, सेन्दा नमक, गुनगुना जल होना चाहिए। साधक खाली पेट होना चाहिए, या संध्या के वक्त क्रिया करने से पहले साधक कम से कम 4 घंटे पहले भोजन समाप्त कर ले।

दिल के मरीज , बी।पी के मरीज के लिए यह योगिक क्रिया वर्जित है, करनी हो तो योगाचार्य के समक्ष ही करें।

षटकर्म क्रिया करने के बाद साधको की कहानी साधको की जुबानी

अधिक व सही जानकारी के लिए हमसे जुड़े:-

ध्यान योग केंद्र-  राइट वे ऑफ डूइंग योग ®

www.dhyanyogakendra.com

dhyanyogakendra@gmail.com

9799097860

7014289144

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