योगमाया ध्यानयोग केंद्र ग्रुप  संयुक्त तत्वधान  मे हर शनिवार एक से डेढ़ घंटा सभी साधको को प्राणायाम कराया जाता है , जिससे सभी साधकों का सर्वांगीण विकास हो सके !

प्राणायाम क्या है ?

भारत सरकार से मान्यता प्राप्त  योग शिक्षक अभिषेक सिंह नरुका व सुभव शर्मा ने बताया की प्राण वह शक्ति है जो हमारे शरीर को ज़िंदा रखती है और हमारे मन को शक्ति देती है। तो ‘प्राण’ से हमारी जीवन शक्ति का उल्लेख होता है और ‘आयाम’ से नियमित करना। इसलिए प्राणायाम का अर्थ हुआ खुद की जीवन शक्ति को नियमित करना।

  

प्राण शरीर की हज़ार सूक्ष्म ऊर्जा ग्रंथियों ( जिन्हें नाड़ि कहते है ) और ऊर्जा के केंद्रों (जिन्हें चक्र कहते है ) से गुज़रती है और शरीर के चारो ओर आभामंडल बनाती है। अगर प्राणशक्ति बलवान है और उसका प्रवाह निरंतर और सुस्थिर है तो मन सुखी, शांत और उत्साहपूर्ण रहता है। पर ज्ञान के आभाव में और सांस पर ध्यान न रखने की वजह से मनुष्य की नाड़िया, प्राण के प्रवाह में रूकावट पैदा कर सकती है। ऐसी स्थिति मन में आशंका, चिंताएं, और डर उत्पन्न करती है। 

सोर्स :

https://www.artofliving.org/in-hi/yoga/breathing-techniques/yoga-and-pranayama

प्राणायाम से पूर्व  सभी साधको को वातावरन क अनुसार सही तरीके से मंत्रो के साथ  “सूर्य नमस्कार” कराकर वर्म उप कराया गया

नमन आसान आसान(ॐ मित्राये नमः)  अर्ध चक्र आसान (ॐ रवैये नमः)                        पर्वत 

प्राणायाम के प्रकार – योगमाया ध्यान योग केंद्र ग्रुप ने प्राणायाम के निम्न प्रकार बताए:

योगमाया ध्यान योग केंद्र ग्रुप ने बताया की प्राचीन भारत के ऋषि मुनियों ने कुछ ऐसी सांस लेने की प्रक्रियाएं ढूंढी जो शरीर और मन को तनाव से मुक्त करती है । इन प्रक्रियाओं को दिन में किसी भी वक़्त खली पेट कर सकते है । देखते है कौन सी प्रक्रिया किस परिस्थिति में उपयोगी है :

  • अगर आपका मन किसी बात को लेके विचलित हो या आपका किसी की बात से अपना मन हठा ही नहीं पा रहे हो तोह आपको भ्रामरी प्राणायाम करना चाहिए । यह प्रक्रिया उक्त रक्तचाप से पीड़ित लोगो के लिए बहुत फायेदमंद है ।
  • नाड़ियों की रुकावटों को खोलने हेतु कपालभाति प्राणायाम  उपयुक्त है । यह प्रक्रिया शरीर के विषहरण के लिए भी उपयुक्त है ।
  • अगर आप कम ऊर्जावान महसूस कर रहे है तो भस्त्रिका प्राणायाम के तीन दौर करे – आप खुद को तुरंत शक्ति से भरपूर पाएंगे ।
  • अगर आप अपने कार्य पे ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहे तो नदी शोधन प्राणायाम के नौ दौर करे और उसके पश्चात दस मिनट ध्यान करे । नाड़ी शोधन प्राणायाम दिमाग के दायिने और बाएं हिस्से में सामंजस्य बैठती है मन को केंद्रित करती है ।
  • चन्द्र भेदी प्राणायाम – सिर्फ गर्मियों मे करने के लिए 
  • अनुलोम विलोम – चन्द्र भेदी करने के बाद , शरीर के तापमान को नियंत्रित करने के लिए , 1:4:2 का साँसो का अनुपात 
  • उज्जई प्राणायाम – खर्राटों से निजात पाने क लिए 
  • प्लावनी प्राणायाम
  • शीतली -शीतकारी प्राणायाम 
  • प्राणायाम का राजा – कपाल भाति

प्राणायाम के फायदे – योगमाया ध्यान योग केंद्र ग्रुप ने प्राणायाम के निम्न फायेदे बताए:

  • प्राण शक्ति की मात्रा और गुणवत्ता बढ़ाता है ।
  • रुकी हुई नाड़िया और चक्रों को खोल देता है। आपका आभामंडल फैलता है।
  • मानव को शक्तिशाली और उत्साहपूर्ण बनाता है ।
  • मन में स्पष्टता और शरीर में अच्छी सेहत आती है ।
  • शरीर, मन, और आत्मा में तालमेल बनता है।

सभी साधको को प्राणायाम के  बाद कुछ रिलैक्सिंग आसान कराकर शांति मंत्रगायत्री मंत्र के  साथ – स्वस्थ शरीर – स्वस्थ भारत – स्वस्थ संसार के प्रण के साथ  प्राणायाम का समापन किया 

 वृक्षा आसन  

शांति मंत्र :

ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः । सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत् । ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥

गायत्री मंत्र :

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्यः धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात

 

सभी के अच्छे स्वास्थ – के लिए हमेशा प्रायसरत 

 

योगमाया ध्यान योग केंद्र ग्रुप 

7014289144, 8949208520, 9799097860

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